तम्बाकू मुंह, गले, फेफड़ों, पेट, गुर्दे, मूत्राशय आदि जैसे शरीर के विभिन्न भागों के कैंसर के लिए जिम्मेदार होता है।
सहायक तथ्य
- विश्व में मुंह में होने वाले कैंसर के सबसे अधिक मामले भारत में होते हैं, जो तंबाकू की वजह से उत्पन्न होती है।
- भारत में, कैंसर के लिए तम्बाकू का योगदान पुरुषों तथा महिलाओं में क्रमश: 56.4 प्रतिशत तथा 44.9 प्रतिशत होती है।
- 90 प्रतिशत से अधिक फेफड़ों के कैंसर तथा फेफड़ों की अन्य बीमारियों का कारण धूम्रपान है।
- तम्बाकू की वजह से हृदय एवं धमनियों के रोग, हृदयघात (दिल का दौरा), सीने में दर्द, अचानक हृदयगति रूकने से (कार्डिएक) मृत्यु, स्ट्रोक (दिमागी नस फटना), परिधीय संवहनी रोग (पैरों का गैंग्रीन) होते हैं।
सहायक तथ्य
- भारत में फेफड़ों की 82 प्रतिशत अवरोधी बीमारी धूम्रपान की वजह से होती है।
- तम्बाकू परोक्ष रूप से फेफड़ों में होने वाले क्षय रोग (टी.बी) का कारण है। कभी-कभी धूम्रपान करने वालों में टीबी का खतरा 3 गुना अधिक व्याप्त होताहै। जितना अधिक धूम्रपान किया जाता है,सिगरेट या बीड़ी, उतनी अधिक टी.बी, धूम्रपान करने वालों के बीच व्याप्त है।
- धूम्रपान/तंबाकू अचानक रक्तचाप बढ़ा देता है एवं हृदय के रक्त का प्रवाह कम कर देता है।
- वह पैरों को भी रक्त का प्रवाह कम कर देता है जिससे पैरों के मांस में सड़न पैदा कर सकता है।
- तम्बाकू संपूर्ण शरीर की धमनियों की परत को नुकसान पहुँचाती है।
- धूम्रपान बच्चों तथा परिवार के अन्य सदस्यों के लिए स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं (अपरोक्ष धूम्रपान) उत्पन्न करता है। धूम्रपान न करने वाला व्यक्ति यदि धूम्रपान (दो पैकेट प्रतिदिन) करने वाले व्यक्ति के साथ रहता है तो वह मूत्र निकोटीन के स्तर के अनुसार तीन सिगरेट के समतुल्य निष्क्रिय धूम्रपान करता है।
- यह भी पाया गया है कि धूम्रपान / तंबाकू का सेवन मधुमेह का खतरा बढ़ा देता है।
- तम्बाकू रक्त में अच्छा कोलेस्ट्रॉल कम कर देती है।
- धूम्रपान करने वालों /तंबाकू का सेवन करने वालों में,धूम्रपान न करने वालों की तुलना में हृदय रोग तथा पक्षाघात होने की 2 से 3 गुना अधिक संभावना होती है।
- प्रति 8 सेकंड में तंबाकू से संबंधित रोग से 'एक' मृत्यु होती है।
सहायक तथ्य
- भारत में तंबाकू जनित रोग से होने वाली मृत्यु की कुल संख्या 8-9 लाख प्रति वर्ष के बीच होने की संभावना है।
- तम्बाकू से बचना एक किशोर/किशोरी के जीवनकाल में 20 वर्ष जोड़ देता है।
- तम्बाकू का उपयोग करने वाले किशोरों/किशोरियों में से आधे की मृत्यु अंततः उससे होती है (लगभग एक चौथाई मध्य आयु में तथा एक चौथाई बुढ़ापे में)
- यह अनुमान लगाया गया है कि किसी भी अन्य देश की तुलना में भारत में प्रति वर्ष तंबाकू जनित रोगों से होने वाली मृत्यु की संख्या में सबसे तेज से वृद्धि हो रही है।
- धूम्रपान / तंबाकू पुरुषों तथा महिलाओं में प्रतिकूल प्रभावों का कारण है
सहायक तथ्य
- इसके सेवन से पुरुषों में नपुंसकता का कारण उत्पन्न हो सकता है।
- धूम्रपान / तंबाकू का सेवन महिलाओं में एस्ट्रोजन का स्तर कम कर देता है। रजोनिवृत्ति समय से पूर्व हो जाती है।
- धूम्रपान / तंबाकू का सेवन शारीरिक गतिविधि की क्षमता तथा शारीरिक सहनशीलता को कम कर देता है।
- धूम्रपान करने तथा गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने वाली महिलाओं को स्ट्रोक का अत्यधिक खतरा होता है।
- जो गर्भवती महिलाएँ धूम्रपान करती हैं उनके बच्चा का समय से पूर्व नष्ट होने, जन्म के समय उसके बच्चे का वजन औसत के कम होने या विकासात्मक समस्याओं वाले बच्चे पैदा होने की या नवजात शिशुओं की मृत्यु ( बिस्तर पर अचानक अस्पष्टीकृत मृत्यु) की अधिक संभावना होती है।
तम्बाकू छोड़ने के लाभ
तम्बाकू छोड़ने के भौतिक लाभ:
- आपमें कैंसर और हृदय रोग का खतरा कम हो जाएगा।
- आपके हृदय पर तनाव कम हो जाएगा।
- आपके प्रियजनों को आपके धूम्रपान से नुकसान नहीं होगा।
- आपकी धूम्रपान जनित खाँसी (लगातार रहने वाली खांसी तथा बलगम) गायब होने की संभावना है।
- आपके दाँत अधिक सफेद तथा चमकदार हो जाएंगें।
तम्बाकू छोड़ने के सामाजिक लाभ:
- आप नियंत्रक होगें - अब सिगरेट आपको नियंत्रित नहीं करेगी।
- आपकी अपनी आत्म-छवि तथा आत्मविश्वास बेहतर हो जाएंगा।
- इसके बाद तथा भविष्य में आप अपने बच्चों के लिये एक स्वस्थ पालक (पिता/माता) होगें।
- आपके पास अन्य चीजों पर खर्च करने के लिए अधिक धन होगा।
यह आदत छोड़ने के लिये लिए कभी भी देर नहीं होती
- मध्य आयु में कैंसर या अन्य गंभीर बीमारी होने से पहले धूम्रपान / तंबाकू छोड़ना भविष्य में तंबाकू से मृत्यु के गंभीर खतरे को टाल देता है।
- कम आयु में धूम्रपान बंद कर देने के लाभ और अधिक है।
- एक बार जब आप तम्बाकू छोड दें तो दिल के दौरे का खतरा 3 वर्षों में सामान्यीकृत होकर एक धूम्रपान का सेवन न करने वालों के बराबर हो जाता है।
धूम्रपान / तंबाकू छोड़ने के युक्तियां
- ऐशट्रे, सिगरेट, पान, ज़र्दा छुपाकर आखों तथा मन से दूर रखें। यह एक आसान परंतु मददगार
- सिगरेट, पान, तथा ज़र्दा आसानी से उपलब्ध न होने दें। सिगरेट, पान तथा ज़र्दा ऐसे स्थान पर रखें जहाँ से आपको लेने के लिये कड़ी मेहनत करनी पडें। उदाहरण के लिये, घर के अन्य कमरे में, वे जगह जहाँ आप बहुधा नहीं जाते हैं, आलमारी में ताले में बंद कर रखना आदि।
- धूम्रपान करने के लिए या पान/ज़र्दा खाने को उकसाने वाले कारणों को पहचाने तथा उनको दूर करने का प्रयास करें। क्या आपके साथी धूम्रपान करते हैं या पान/ज़र्दा खाते है? शुरुआत में धूम्रपान करने वालों या पान/ज़र्दा खाने वालों से दूर रहने की कोशिश करें या तब दूर रहें जब वे धूम्रपान करें या पान/ज़र्दा खाएं।
- मुंह में कुछ रखने की कोशिश करें जैसे- च्यूइंगम, चॉकलेट, पिपरमिंट, लॉज़ेंजेस आदि एवं गहरी सांस लेने का प्रयास करें।
- जब भी आपको तलब लगे तब खड़े होकर या बैठकर गहरी साँस लें। एक ग्लास पानी पीना तथा व्यायाम करना भी तलब को कम करने में मदद करता है।
- जब आपको तम्बाकू लेने की इच्छा हो तब अपने बच्चों तथा उनके भविष्य के बारे में सोचें कि तंबाकू से होने वाली खतरनाक बीमारी का उनपर क्या असर होगा।
- आदत खत्म करने के लिये एक तिथि निर्धारित करें।
- किसी सहयोगी की तलाश करें।
- सिगरेट/ पान /ज़र्दा के बगैर अपने पहले दिन की योजना बनाएं।
- जब आपको धूम्रपान/ तम्बाकू की तलब लगें तब यह 4 चीजें करें:
- कुछ और करें
- अगली सिगरेट के धूम्रपान / तंबाकू के सेवन में विलम्ब करें
- गहरी साँस लें
- पानी पियें
- स्वयं के लिये सकारात्मक बातों का प्रयोग करें
- अपने आप को पुरस्कृत करें
- प्रतिदिन सुकूनदायक तकनीक का प्रयोग करें (योग, चलना, ध्यान, नृत्य, संगीत आदि)
- कैफीन और अल्कोहल के सेवन को सीमित करें
- इसके अलावा, सक्रिय बनें एवं स्वस्थ आहार खायें।
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