सिरदर्द प्रायः सभी व्यक्ति सिरदर्द से पीड़ित होता है और कुछ लोग इससे काफी असुविधा महसूस करते हैं। लेकिन अधिकांश लोगों में यह अस्थायी लक्षण होती है। सामान्यतौर पर सिरदर्द अस्थायी होते हैं और अपने-आप ठीक हो जाते हैं। हालांकि यदि दर्द असहनीय हो, तो अपने चिकित्सक से संपर्क करने में संकोच न करें। चिकित्सक को तेज, रूक-रूक कर आनेवाले और बुखार के साथ सिरदर्द की जांच करनी चाहिए।
सिरदर्द कब गंभीर होता है?
सभी सिरदर्द को चिकित्सकीय इलाज की जरूरत नहीं होती। कुछ सिरदर्द भोजन या मांसपेशियों के तनाव से पैदा होते हैं और घर में ही उनका इलाज किया जा सकता है। अन्य सिरदर्द किसी गंभीर बीमारी के संकेत हैं और उनमें जल्द से जल्द चिकित्सकीय सहायता की जरूरत होती है। यदि आप सिरदर्द के निम्नलिखित लक्षण पायें, तो आप तत्काल आपातकालीन चिकित्सकीय परामर्श लें :
- तेज और अचानक शुरू हुआ सिरदर्द, जो तेजी से बिना किसी प्रत्यक्ष कारण के पैदा हुआ हो,
- सिरदर्द के साथ बेहोशी, उलझन, आपकी दृष्टि में बदलाव या अन्य संबंधित शारीरिक कमजोरी,
- सिरदर्द के साथ गरदन का अकड़ना और बुखार।
यदि आपको सिरदर्द के निम्नलिखित लक्षण का अनुभव हो, तो आपको चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए:
- ऐसा सिरदर्द, जो आपको नींद से जगा दे,
- सिरदर्द के समय या प्रकृति में अस्वाभाविक बदलाव,
- यदि आप अपने सिरदर्द की प्रकृति के बारे में निश्चित नहीं हैं, तो अपने चिकित्सक से संपर्क कर चिकित्सकीय परामर्श लेना अच्छा है।
तनाव व अधकपारी (माइग्रेन) सिरदर्द के प्रकार हैं। अधकपारी और समग्र सिरदर्द नाड़ियों के सिरदर्द के प्रकार हैं। शारीरिक थकान, नाड़ियों के दर्द को बढ़ा देता है। सिर के चारों तरफ की रक्त नलिकाएं और ऊतक मुलायम हो जाते हैं या उनमें सूजन आ जाती है, जिससे आपका सिर, दर्द से ग्रस्त हो जाता है। क्लस्टर सिरदर्द अधकपारी से कम सामान्य है और यह नाड़ियों के सिरदर्द का सबसे सामान्य प्रकार है। क्लस्टर सिरदर्द कम अंतराल पर कई बार पैदा होता है। कभी-कभी यह कई सप्ताह या महीनों तक रहता है। क्लस्टर सिरदर्द पुरुषों में अधिक होता है और काफी तकलीफदेह होता है।
पहचान
अधिकांश सिरदर्द गंभीर स्थिति के कारण पैदा नहीं होते और उनका इलाज दवा दुकानों में उपलब्ध दवाओं से ही किया जा सकता है। अधकपारी और सिर में अन्य प्रकार के गंभीर दर्द का इलाज नुस्खे के इलाज और चिकित्सक की निगरानी में ही हो सकता है।
सिरदर्द संबंधी और जानकारी
तनाव से उत्पन्न सिरदर्द
- सिरदर्द का सबसे सामान्य प्रकार तनाव या मांसपेशियों में सिकुड़न के कारण सिरदर्द है। ऐसे दर्द अक्सर तनाव की लंबी अवधि से संबंधित होते हैं।
- तनाव के कारण सिरदर्द अक्सर स्थिर और धीमा होता है तथा इसे सिर के अगले हिस्से, माथे या गरदन के पिछले हिस्से में महसूस किया जाता है।
- तनाव सिरदर्द में लोग अक्सर शिकायत करते हैं कि उनके सिर को किसी रस्सी से कड़ाई से बांध दिया गया है।
- हालांकि तनाव सिरदर्द लंबी अवधि तक बना रह सकता है, तनावपूर्ण अवधि खत्म होने के साथ ही गायब भी हो जाता है।
- तनाव सिरदर्द आमतौर पर किसी अन्य शिकायत के साथ संबद्ध नहीं होता और इसमें दर्द के पूर्व लक्षण भी नहीं होते, जैसा कि आमतौर पर अधकपारी में देखा जाता है। सिरदर्द के 90 प्रतिशत मामले में तनाव सिरदर्द ही होता है।
जुकाम या नजला (साइनस) से उत्पन्न सिरदर्द
जुकाम या नजला सिरदर्द, जुकाम संक्रमण या एलर्जी का परिणाम है। अक्सर सर्दी या फ्लू के कारण साइनस के रास्ते या आपकी नाक के ऊपर और पीछे स्थित हवा के स्थान में सूजन के कारण साइनस सिरदर्द पैदा होता है। जुकाम या नजला जम जाने या संक्रमित होने पर दबाव बढ़ता है, जिससे आपके सिर में दर्द होने लगता है। दर्द आमतौर पर तेज तथा लगातार होता है। यह सुबह में शुरू होता है और आपके नीचे झुकने पर असहनीय हो जाता है।
साइनस से उत्पन्न सिरदर्द के सामान्य लक्षण
- आंखों के चारों तरफ, गाल के ऊपर और सिर के अगले हिस्से में दबाव और दर्द
- ऊपरी दांत में दर्द का अनुभव
- बुखार और ठंड लगना
- चेहरे में सूजन
- साइनस सिरदर्द में चेहरे का दर्द दूर करने के लिए गर्म और बर्फ, दोनों का सामान्य रूप से उपयोग किया जाता है।
अधकपारी (माइग्रेन) से उत्पन्न सिरदर्द
अधकपारी से उत्पन्न सिरदर्द हर व्यक्ति में अलग-अलग होता है, लेकिन इसे आमतौर पर सिर के एक या दोनों हिस्सों में तेज दर्द से परिभाषित किया जाता है। इसके साथ कभी-कभी दूसरे लक्षण भी पैदा होते हैं। इसमें जी मिचलाना और उल्टी करना, रोशनी के प्रति संवेदनशीलता और दृष्टि-दोष, सुस्ती, बुखार और ठंड लगना शामिल है।
माइग्रेन के सामान्य लक्षण
- दर्द से पहले दृष्टि दोष
- सिर के एक तरफ धीमा से लेकर तेज रूक-रूक कर दर्द
- जी मिचलाना या उल्टी
- रोशनी और आवाज के प्रति संवेदनशीलता
अधकपारी शुरू होने के कई कारण हो सकते हैं, जो व्यक्ति से व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ लोग शराब, चॉकलेट, पुरानी खमीर, प्रसंस्कृत मांस और कैफीन जैसे सामान्य खाद्य पदार्थों के प्रति प्रतिक्रिया कर सकते हैं। कैफीन और अल्कोहल के सेवन से भी सिरदर्द हो सकता है।
नोट: यदि आपको तेज या खराब सिरदर्द हो, तो अपने लक्षणों, सिरदर्द की गंभीरता और आपने उसका सामना कैसे किया आदि बातों का रिकॉर्ड रखें। चिकित्सक के पास अपने साथ वह रिकॉर्ड भी ले जायें।
सिर दर्द से राहत के लिए टिप्स- (Tips to Prevent Headache)
- सिर दर्द हो तो सबसे पहले कारण जानने की कोशिश करें, उसके अनुसार हल ढूंढें
- गर्मियों में ठंडे तेल की मालिश भी सिर दर्द से राहत दे सकती है
- सिर को हल्के हाथों से दबाकर भी सिर दर्द से राहत मिल सकती है
- अपना ध्यान कहीं और दर्द से हटाकर कहीं और लगाने की कोशिश करें, जैसे हल्का संगीत सुनें
- गहरी सांसे लेने से भी सिर दर्द से राहत मिलती है
- बादाम और अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट को रोज खाएं, इससे तनाव कम होता है और दिमाग मजबूत होता है
- गर्मी हैं तो ठंडा पानी पीएं और सर्दियां हैं तो सिर को ठंड से बचाकर रखें
- चाय या कॉफी पीकर देखें, इनमें मौजूद कैफीन से भी सिर दर्द में आराम मिलता है
सरदर्द के घरेलू नुस्ख़े (Home Remedies for Headache)
सरसों तेल (Mustard Oil)
सरदर्द में सरसों तेल काफी असरदार होता है। माथे के जिस हिस्से में दर्द हो रहा हो उस तरफ वाले नाक में सरसों के तेल की कुछ बूंदें डाल दीजिए और उसके बाद जोर से सांसों को ऊपर की तरफ खींचिए। इससे सरदर्द से काफी राहत मिलेगी। ध्यान रहे सरदर्द होने पर बिस्तर पर लेटकर दर्द वाले हिस्से को बेड के नीचे लटका कर नाक में तेल लेना चाहिए।
दालचीनी (Cinnamon)
दालचीनी को पानी के साथ महीन पीसकर माथे पर पतला लेप लगाने से सरदर्द में काफी राहत मिलती है। लेप सूख जाने पर उसे हटा लीजिए। तीन-चार बार लेप लगाने पर सरदर्द होना बंद हो जाता है।
पुष्कर मूल (Pushkar Mool)
पुष्कर मूल एक कुदरती जड़ी बूटी है। इसे चंदन की तरह घिसकर लेप बना लें और सिर पर लगाएं। इसके लेप को माथे पर लगाने से सरदर्द में काफी राहत मिलता है।
मुलेठी (Mulethi)
मुलेठी सरदर्द में काफी काम करता है। मुलेठी को पीसकर चूर्ण बना लीजिए। इस चूर्ण को नाक के पास ले जाकर सूंघें। इससे सरदर्द छू-मंतर हो जाएगी।
सौंफ-पीपल-मुलेठी (Saunf, Peepal and Mulethi)
पीपल के पत्ते, सोंठ, मुलैठी और सौंफ सबको पीसकर चूर्ण बना लीजिए। उसके बाद इस चूर्ण में एक चम्मुच पानी मिलाकर गाढा लेप बना बना लीजिए। इस लेप को माथे पर लगाइए। सरदर्द खत्म हो जाएगा।
मसालेदार चाय (Spicy Tea)
मसालेदार चाय सरदर्द के लिए एक रामबाण की तरह काम करता है। इसे घर में भी आसानी से बनाया जा सकता है। यह एक उत्तेजक पेय पदार्थ है जो दिमाग को सचेत करता है। चाय में थोड़ी अदरख, लौंग और इलाइची मिला कर उबाल दें। हो गया गरमागरम मसालेदार चाय तैयार। मसालेदार चाय को गरमागरम ही पीना चाहिए। इससे आपका सरदर्द तो गायब होगा ही साथ में आप तरोताज़ा भी महसूस करेंगे।
तेल मालिश (Oil massage)
सरदर्द में तेल की मालिश बहुत असरदार होती है। मालिश से सिर की रक्त धमनियों में रक्त प्रवाह सही से होने लगता है और सरदर्द तुरंत छू-मंतर हो जाती है। ध्यान रहे सिर की मालिश हर्बल तेल से ही करें और सरदर्द होने पर तेल को हल्का गर्म कर लेना चाहिए ताकि यह जल्दी असर करे।
नींबू पानी (Lemon Water)
काफी मात्रा में शराब पीने से अक्सर लोगों को हैंगओवर हो जाता है। हैंगओवर में काफी तेज सरदर्द होता है। ऐसी स्थिति में नींबू पानी काफी काम करता है। शराब ज्यादा पीने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है और नींबू पानी पीने से शरीर में पानी की कमी भी दूर होती है और सरदर्द भी ठीक होता है।

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