किसी भी कार्य को करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। शरीर को भी ऊर्जा की आवश्यकता होती है और
शरीर इ
सकी पूर्ति, शरीर में उपलब्ध ग्लूकोज़ से करता है।
रक्त से ग्लूकोज़ इन्सुलिन नामक हार्मोन के द्वारा कोशिकाओं में पहुंचकर ऊर्जा प्रदान करता है। शरीर में इन्सुलिन का उत्पादन अग्न्याशय (pancreas) के द्वारा होता है।
भोजन शरीर में जाकर ग्लूकोज़ में परिवर्तित हो जाता है और ग्लूकोज़ रक्त में मिल जाता है। मधुमेह रोगी शरीर में उपलब्ध ग्लूकोज़ का पूरा उपयोग नही कर पाता है।
मधुमेह, चयापचय विकार (Metabolic Disorder) है। रक्त में ग्लूकोज़ की बढ़ी हुई मात्रा का अगर सही समय पर उपचार नही किया जाये तो यह शरीर के महत्वपूर्ण अंगो के लिए काफी नुकसानदायक होती है।
मधुमेह के प्रकार (Types of Diabetes in Hindi)
मधुमेह को दो श्रेणियों में रखा गया है, शरीर का इन्सुलिन न बना पाना टाईप । मधुमेह (Type I Diabetes) और शरीर में उपस्थित इन्सुलिन का सही तरीके से काम नहीं करना टाईप ॥ मधुमेह (Type II Diabetes), जिसके कारण ग्लूकोज़ कोशिकाओं में नहीं जाता है और रक्त में उसकी मात्रा बढ़ जाती है।
टाईप 1 मधुमेह (Type 1 Diabetes): यह एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर (Autoimmune Disorder) है, इसमें शरीर की श्वेत कोशिकाएं अग्नाशय की इन्सुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देती हैं।
टाईप 2 मधुमेह (Type 2 Diabetes): टाईप 2 मधुमेह में शरीर में उत्पादित इन्सुलिन का सही उपयोग नहीं हो पता है। शरीर में इन्सुलिन की अतिरिक्त मात्रा के कारण अग्नाशय इन्सुलिन नही बनाता है।
मधुमेह के लक्षण
- अत्यधिक प्यास लगना और बार बार पेशाब आना (Excessive Thirst): यह मधुमेह होने के पुख्ता लक्षण हैं
- जख्मों का जल्दी नही भरना और बार बार संक्रमण से प्रभावित होना (Slow Healing Sores and Recurrent Infections)
- थकान महसूस होना (Feeling Lazy): कोशिकाओं में ग्लूकोज़ नही पहुंचने के कारण शरीर को ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह से नही हो पाती है और मधुमेह का रोगी हमेशा थकान महसूस करता है
- धुंधला दिखना (Blurred Vision): रक्त में अतिरिक्त शुगर की उपस्थिति के कारण आँखों की कोशिकाओं में रक्त आपूर्ति पर असर पड़ता है और धीरे धीरे आँखे प्रभावित होने लगती हैं
- पैरो और हाथों में झनझनाहट होना (Tingling in Hands & Feet): रक्त में अतिरिक्त शुगर का कारण हमारे तंत्रिका प्रणाली को नुकसान पहुंचा सकता है
- मसूड़ों में सूजन (Swollen Gums): मधुमेह के कारण मसूड़ों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है
- रक्त में अतिरिक्त शुगर की उपस्थिति के कारण गुर्दे रक्त को साफ़ करने के लिए अधिक काम करने लगते हैं और मूत्र के द्वारा अतिरिक्त शुगर को शरीर से बाहर निकलते हैं। इस कारण बार बार पेशाब आता है और अत्यधिक प्यास लगती है
- वजन कम होना (Weight Loss): हमारे शरीर में जब कोशिकाओं को ग्लूकोज़ नही मिलता तो शरीर, शरीर में उपस्थित वसा तथा मांसपेशिओ से उसकी आपूर्ति करता है जिसके कारण शरीर में जमा वसा और मांसपेशिओ में कमी आती है और वजन बहुत जल्दी कम होने लगता है
मधुमेह होने के कारण (Causes of Diabetes in Hindi)
- मोटापा (Diabetes due to Obesity): मोटापा टाईप 2 मधुमेह होने का सबसे बड़ा कारण है।
- आनुवांशिक (Hereditary): इसे खानदानी रोग भी कहते है। अगर परिवार में किसी को टाईप 2 मधुमेह है या था तो सावधानी बरतने की ज़रूरत है।
- गर्भावस्था में रक्त में ग्लूकोज़ की अधिक मात्रा (High sugar levels during pregnancy)
- रक्त वाहिका रोग (Blood vessel disease)
- उच्च रक्त चाप और उच्च कोलेस्ट्रोल लेवल (High blood pressure, high cholesterol)
- प्री डायबिटिक (Pre-diabetes or impaired fasting glucose)
सामान्य उपचार
मधुमेह या डायबिटीज से बचाव का सबसे बढ़िया उपाय है इसकी जानकारी रखना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना। डायबिटीज से बचने के कुछ खान उपाय निम्न हैं:
मधुमेह से बचाव (Treatment and Remedies for Diabetes in Hindi)
- प्रतिदिन एक घंटा व्यायाम जरूर करें।
- अपने घर में प्रतिदिन मधुमेह का टेस्ट करें। रक्त में शुगर की मात्रा का ध्यान रखें।
- इन्सुलिन इंजेक्शन (Insulin Injetion) को तैयार करना और स्वयं लगाना आना चाहिए।
- एक इन्सुलिन पम्प (Insulin Pump) साथ रखना।
- कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) की गिनती को ध्यान में रखना।
- रक्तचाप (Blood Pressure) कम होने पर मत्वपूर्ण जानकारी का ध्यान रखना
योग आसन (Yog Aaasan for Diabetes)
- प्राणायाम
- सेतुबंधासन
- बालासन
- वज्रासन
- सर्वांगासन
घरेलू उपचार
- दिन में एक बार 2 चम्मच करेले के रास का सेवन करें।
- दिन में दो बार 1 चम्मच मेथी के पाउडर का सेवन पानी के साथ अवश्य करें।
- दिन में एक बार 2 चम्मच कड़वी लौकी के रस को एक चम्मच आंवला के रास के साथ मिलकर कर सेवन करें।
मधुमेह संबंधी समस्त आहार के लिए निम्नलिखित खाद्य पदार्थो से बचा जाना चाहिए:
- जड़ एवं कंद
- मिठाइयाँ, पुडिंग और चॉकलेट
- तला हुआ भोजन
- सूखे मेवे
- चीनी
- केला, चीकू, सीताफल आदि जैसे फल
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