हाई ब्लड प्रेशर या उच्च रक्तचाप की समस्या आजकल बेहद आम होती जा रही है। उच्च रक्तचाप के दौरान मरीज के शरीर में रक्त का प्रवाह बेहद तेज हो जाता है। इस स्थिति में आपके हृदय को अधिक काम करना पड़ता है। आइये जानें इससे जुड़ी अन्य बातें:
उच्च रक्तचाप (About High Blood Pressure in Hindi)
रक्त द्वारा धमनियों पर पड़ने वाले दबाव को ब्लड प्रेशर कहते हैं। सामान्यतः हमारी धमनियों में बहने वाले रक्त का एक निश्चित दबाव होता है, जब यह दबाव अधिक हो जाता है तो धमनियों पर दबाव बढ़ जाता है और इस स्थति को उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) से जाना जाता है| लगातार उच्च रक्तचाप शरीर को कई तरीके से हानि पहुंचा सकता है। यहाँ तक की हार्ट फेल भी हो सकता है।
सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर (Systolic Blood Pressure)
निलयी प्रकुंचन (Ventricular systole) के दौरान रक्त को महाधमनी में धकेलने लिए बायें निलय (Ventricle) के संकुचित होने पर बनने वाला अधिकतम रक्त-चाप सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर कहलाता है।
औसत ब्लड प्रेशर (Blood Pressure Range in Normal Condition)
सामान्य स्वस्थ वयस्क का विश्रामावस्था में सिस्टोलिक प्रेशर का परिसर 100 Hg. से 140 मिमी. पारे के बीच रहता है तथा औसतन 120 मिमी पारे के बीच रहता है।
उच्च रक्तचाप के कारण (Reason for High Blood Pressure)
- धूम्रपान
- मोटापा
- निष्क्रियता
- नमक का ज्यादा सेवन
- शराब पीना
- तनाव
- बढ़ती उम्र
- आनुवंशिकता
- पारिवारिक इतिहास
- पुरानी किडनी की बीमारी
- थाइरोइड डिसऑर्डर
उच्च रक्तचाप के लक्षण
सामान्य उपचार
रक्तचाप (Blood Pressure) बढ़ने पर किस तरह अपना ध्यान रखना इसकी जानकारी होना बेहद जरूरी है। साथ ही समय-समय पर डॉक्टरी जांच इस बीमारी से बचाने में बहुत कारगर होती है। उच्च रक्तचाप से बचने के कुछ प्रमुख उपाय निम्न हैं:
उच्च रक्तचाप से कैसे बचें (Treatment of High Blood Pressure in Hindi)
- प्रतिदिन एक घंटा हल्का या तेज किसी प्रकार का व्यायाम जरूर करें।
- खाने में हाई फाईबर वाले चीजें लेनी चाहिए।
- खुद को एक्टिव रखने का अधिक से अधिक प्रयास करना चाहिए।
- समय-समय पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
उच्च रक्तचाप के लिए घरेलू नुस्ख़े (Home Remedies for High Blood Pressure)
लहसुन (Garlic)
लहसुन को खाली पेट सुबह कच्चा ही खाएं। लहसुन में रक्त को पतला करने के गुण होते हैं जो कि रक्त का थक्का जमने से भी रोकता है। चिकित्सक से परामर्श लेकर लहसुन कर प्रयोग शुरू कर सकते हैं।
शहजन की फली (Drum Sticks)
शहजन में प्रोटीन, विटामिन और अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो कि शारीरिक स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद जरूरी हैं। शहजन का उपयोग करने का आसान तरीका है कि इसकी फलियों को दाल के साथ बनाकर खाया जाए। इससे भी उच्च रक्तचाप नॉर्मल होता है।
आंवला (Indian Gooseberry)
आंवला में विटामिन सी की उच्च मात्रा होती है जो कि शरीर से कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) की मात्रा को कम करती है। इससे दिल स्वस्थ रहता है और उच्च रक्त चाप नियंत्रित।
मूली (Radish)
रसोईघर में प्रयोग होने वाली आम सब्जी है मूली, लेकिन इसमें उच्च रक्त्चाप को नियंत्रित करने के गुण होते हैं। मूली को सलाद के रूप में कच्चा या दही के साथ मिलाकर खाया जा सकता है।
तिल (Sesame)
तिल डायस्टोलिक और सिस्टोलिक (Diastolic and Systolic) , दोनों तरह के रक्तचाप को नियंत्रित करता है। तिल के तेल में सिसमिन (Sesamin) और सिसमिनॉल (Sesaminol) दोनों होते हैं जो कि शरीर के तनाव को कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
तिल का खाने में प्रयोग करने से उच्च रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है। तिल के लड्डू या तिल का पाउडर सलाद या दाल सब्जी में ऊपर से छिड़ककर खाने से लाभ होता है।
अलसी के बीज (Flex Seed)
अलसी के बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड में से एक है जिससे इसमें अल्फा लिनोलेनिक एसिड (Alfa Linolenic Acid) नामक यौगिक की उच्च मात्रा होती है। यह उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के साथ ही केलॉस्ट्रॉल की मात्रा भी घटाता है जिससे हृदय भी स्वस्थ बनता है।
दिनचर्या में करें परिवर्तन (Changes in Daily Life Routine)
- नमक कम खाएं
- नियमित व्यायाम करें
- उच्च वसा वाला खाना न खाएं
- मांस न खाएं
- ताजे फल और सब्जियों को भोजन में शामिल करें
- तनाव से दूर रहें

Very nice post. High blood pressure can be controlled and treated with the use of herbal supplement in terms of effectiveness.
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